12/16/21

उच्चारण में लगने वाले समय के आधार पर स्वर वर्ण का वर्गीकरण | स्वर वर्ण के प्रकार|स्वर वर्ण के सभी प्रकारों का विश्लेषण उदाहरणसहित NCERT

 उच्चारण में लगने वाले समय के आधार पर स्वर वर्ण का वर्गीकरण :

उच्चारण में लगने वाले समय के आधार पर स्वर वर्ण तीन प्रकार के होते हैं, जो निम्नवत् है :–
(i) ह्रस्व/लघु/छोटा स्वर
(ii) दीर्घ/गुरु/बड़ा स्वर
(iii) प्लुत स्वर


(i) ह्रस्व/लघु/छोटा स्वर –
ह्रस्व स्वर किसे कहते हैं?| ह्रस्व स्वर की परिभाषा उदाहरणसहित–

ऐसा स्वर जिसका उच्चारण करने में कम समय लगता है, उसे ह्रस्व/लघु/छोटा स्वर वर्ण कहते हैं।
ह्रस्व स्वर के उदाहरण– अ, इ, उ और ऋ।
  • ह्रस्व स्वर की संख्या 4 होती है– अ, इ, उ, ऋ।
  • ह्रस्व स्वर की एक मात्रा मानी जाती है।
  • ह्रस्व स्वर को एकमात्रिक स्वर/मूल स्वर भी कहते हैं।
  • ह्रस्व स्वर का चिह्न "|" होता है।

(ii) दीर्घ/गुरु/बड़ा स्वर –
दीर्घ स्वर किसे कहते हैं?| दीर्घ स्वर का परिभाषा उदाहरणसहित –

ऐसा स्वर जिसका उच्चारण करने में ह्रस्व स्वर का दोगुना समय लगता है, उस स्वर को दीर्घ स्वर कहते हैं।
दीर्घ स्वर का उदाहरण– आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ और औ।
  • दीर्घ स्वर की संख्या 7 होती है– आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ औ।
  • दीर्घ स्वर की दो मात्राएं होती हैं।
  • दीर्घस्वर स्वर को द्विमात्रिक स्वर/संधि स्वर भी कहा जाता है।
  • दीर्घ स्वर का चिह्न "" होता है।

(iii) प्लुत स्वर –
प्लुत स्वर किसे कहते हैं?| प्लुत स्वर का परिभाषा उदाहरणसहित–

ऐसे स्वर जिसे उच्चारित करने में ह्रस्व या दीर्घ स्वर की अपेक्षा लंबे समय लगते हों, उसे प्लुत स्वर कहते हैं।
प्लुत स्वर के उदाहरण– ओउम् (ॐ), मइयाऽऽऽ..., माऽऽऽखन आदि।
  • हिन्दी में प्लुत स्वर की कुल संख्या 8 होती है।
  • संस्कृत में प्लुत स्वर की कुल संख्या 9 होती है।
  • हिन्दी में "" वर्ण सहित सात दीर्घ स्वर प्लुत स्वर के अंतर्गत आते हैं, जैसा कि नीचे दर्शाया गया है–
           अ, आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ और औ।
  • प्रतिध्वनि (echo) प्लुत स्वर के अंतर्गत आते हैं। जैसे– कुएं में कोई भाड़ी चीज फेंकने पर उत्पन्न आवाज, किसी बंद हॉल कमरे में बोलना, रात्रि के समय बजे पटाखे से उत्पन्न आवाज आदि प्लुत स्वर के अंतर्गत आते हैं,जो प्रतिध्वनि के उदाहरण हैं।


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