2/20/22

Bihar board solution class 6 science chapter 5 ‘पृथक्करण’

 1. सही उत्तर चुनिए–

(क) वे पदार्थ जो पानी या अन्य तरल पदार्थों में घुल जाते हैं उन्हें कहा जाता है–
(i) घुलनशील           (ii) अघुलनशील
(iii) थिराना             (iv) निथारना

(ख) पदार्थों को अलग–अलग करने की क्रिया कहलाती है–
(i) वाष्पीकरण       (ii) चुनना
(iii) छानना          (iv) इनमें से सभी

(ग) जल में अघुलनशील एवं जल से भारी कण बर्तन के पेंदे में जम जाने की क्रिया कहलाती है–
(i) पृथक्करण         (ii) निथारना
(iii) थिराना           (iv) इनमें से कोई नहीं

(घ) थिराने के बाद जमे हुए पदार्थ से जल या अन्य द्रव को अलग करने की क्रिया कहलाती है–
(i) निथारना         (ii) थिराना
(iii) थ्रेसिंग         (iv) छानना

(ङ) जब मिश्रण बहुत कम मात्रा में हो तो इसे अलग करने की कौन–सी विधि बेहतर होगी।
(i) चुनना                (ii) चालना
(iii) निथारना         (iv) क्रोमैटोग्राफी
उत्तर:–
(क)– (i) घुलनशील,
(ख)– (iv) इनमें से सभी,
(ग)– (iii) थिराना,
(घ)– (i) निथारना,
(ङ)– (iv) क्रोमेटोग्राफी.

2. रिक्त स्थानों को भरें :
(क) गेहूं के दानों को भूसियों से अलग करने की विधि ............ कहलाती है।

(ख) समुद्र के जल से नमक ............ विधि द्वारा प्राप्त किया जाता है।

(ग) चाय की पत्तियों को चाय से अलग करने की क्रिया ........... कहलाती है।

(घ) क्रोमेटोग्राफी का उपयोग पेड़–पौधे में पाई जाने वाली दवाइयों को .......… करने में किया जाता है।
उत्तर :– (क) ओसाना, (ख) थिराना, (ग) छानना, (घ) अलग.

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3. मिश्रण से अवयवों को अलग करने की जरूरत क्यों होती है?
उत्तर: मिश्रण में उपयोगी पदार्थ के साथ–साथ अशुद्धि के रूप में बहुत सारे अनुपयोगी पदार्थ भी मिश्रित होते हैं, जिस कारण मिश्रणयुक्त अवयव की गुणवत्ता घट जाती है। इस प्रकार मिश्रण में मौजूद मुख्य अवयव का सही–सही उपयोग नहीं हो पाता। मिश्रण से अवयवों को अलग कर लेने पर अशुद्धि स्वतः अलग हो जाती है और केवल शुद्ध पदार्थ अर्थात् उपयोगी पदार्थ बचा रहता है। इस प्रकार इस शुद्ध अवयवों का इस्तेमाल किया जाता है। अतः मिश्रण से अवयवों को अलग करने की जरूरत होती है।

4. बालू और चीनी के मिश्रण को कैसे अलग किया जा सकता है? लिखिए।
उत्तर: बालू और चीनी के मिश्रण में बालू  अघुलनशील पदार्थ है जबकि चीनी घुलनशील पदार्थ है। मिश्रण से बालू और चीनी को पृथक करने के लिए मिश्रण में पानी डाल देंगे। पानी डालने पर घुलनशील पदार्थ अर्थात चीनी घुल जाएगा जबकि अघुलनशील पदार्थ अर्थात बालू नहीं घुल पाएगा। अब अघुलनशील पदार्थ से घुलनशील पदार्थ को छान कर अलग कर लिया जाता है। तत्पश्चात वाष्पन की क्रिया द्वारा उस घोल से चीनी को अलग कर लिया जाता है। अतः इन संपूर्ण प्रक्रिया द्वारा बालू और चीनी के मिश्रण को अलग किया जा सकता है।

5. पृथक्करण की किन्हीं तीन विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: पृथक्करण के किन्हीं तीन विधियों का वर्णन निम्नवत है–
(i) ओसाई– पृथक्करण के इस विधि का उपयोग अधिकतर अनाज भंडारण हेतु किया जाता है। इस विधि में मिश्रित पदार्थ को 7–8 फुट की ऊंचाई से गिराया जाता है। गिराने के क्रम में भारी पदार्थ (अनाज) नीचे गिर जाता है जबकि हल्का पदार्थ (भूसा) हवा के माध्यम से उड़ जाता है। इस प्रकार उपयोगी पदार्थ का भंडारण कर लिया जाता है।

(ii) चुनना– पृथक्करण के इस विधि में जिस पदार्थ की मात्रा कम होती है (मिश्रण में मौजूद वह पदार्थ चाहे उपयोगी पदार्थ हो या चाहे अशुद्धि हो), उस पदार्थ को चुनकर बाहर निकाल लिया जाता है।
जैसे– चावल से कंकड़ को अलग करना।

(iii) छानना– पृथक्करण के इस विधि में अशुद्धि को छांककर अलग किया जाता है। इस विधि का उपयोग केवल द्रव के साथ मिश्रित पदार्थ को अलग करने में किया जाता है।
जैसे– चाय से चायपत्ती अलग करना, उबले हुए चावल से गर्म पानी (मांड) अलग करना, गर्म तेल से पकौड़ी छांकना, चीनी रस से मिठाई छाँकना आदि।

विचार करें :

1. जल में मिले अशुद्धियों को कैसे दूर करेंगे?
उत्तर: जल में मिले अशुद्धियों को छानकर या वाष्पीकरण की क्रिया द्वारा अलग किया जा सकता है। छानने की प्रक्रिया में एक सरंध्र पात्र होता है, इस सरंध्र पात्र पर अघुलनशील पदार्थ (अशुद्धि) से मिश्रित पानी को डाला जाता है। पानी शुद्ध होकर सरंध्र पात्र के नीचे छंक जाता है जबकि अघुलनशील पदार्थ के रूप में अशुद्धि सरंध्र पात्र में फंसा रह जाता है। इस प्रकार जल से अशुद्धि अलग हो जाती है।

वाष्पीकरण – वाष्पीकरण की प्रक्रिया में जल में मिले अशुद्धियां घुलनशील पदार्थ के रूप में हो या अघुलनशील पदार्थ के रूप में हो, सब अलग हो जाती है। वाष्पीकरण की क्रिया में अशुद्धि मिले पानी को उबाला जाता है। उबलने के क्रम में पानी वाष्प बनकर उड़ने लगता है जबकि अशुद्धियां वाष्प नहीं बन पाती। पानी से जो वाष्प बनता है, पुनः उस वाष्प को पानी में परिणत कर दिया जाता है और अशुद्धि उस पात्र में हीं रह जाती है जिस पात्र में उबाला गया था। अतः इस संपूर्ण प्रक्रिया द्वारा जल में मिले अशुद्धियों को अलग कर दिया जाता है।

2. दूध किन–किन पदार्थों का मिश्रण है?
उत्तर: दूध में पोषक–तत्त्व के रूप में बहुत सारे पदार्थ मिश्रित होते हैं। दूध कैल्शियम, फास्फोरस मैग्नीशियम, आयोडिन, प्रोटीन, विटामिन–ए, विटामिन–डी, विटामिन–इ, विटामिन–के, विटामिन–बी2, वसा, खनिज–लवण, जल इत्यादि का मिश्रण है। पोषक–तत्वों के रूप में इन सारे–के–सारे पदार्थों की मौजूदगी दूध में मिश्रित रूप में होते हैं।



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