12/21/21

विशेषण के प्रकार| विशेषण के प्रत्येक प्रकार का विश्लेषण उदाहरणसहित NCERT

 विशेषण के प्रकार :

विशेषण के 5 प्रकार हैं, जो निम्नवत् हैं–
(१.) गुणवाचक विशेषण
(२.) संख्यावाचक विशेषण
(३.) परिमाणवाचक विशेषण
(४.) संकेतवाचक/सार्वनामिक विशेषण
(५.) व्यक्तिवाचक विशेषण


(१.) गुणवाचक विशेषण –
ऐसा विशेषण जो किसी संज्ञा या सर्वनाम के रंग-रूप, आकार, दशा, दोष, गुण आदि का बोध कराये, उसे गुणवाचक विशेषण कहते हैं।
उदाहरण– श्याम काला है।,  रीता सुंदर है।,  श्रवण तेज है।
  • उपर्युक्त उदाहरणार्थ वाक्य "श्याम काला है" में शब्द "काला" गुणवाचक विशेषण है, क्योंकि श्याम नाम के लड़के का दोष/गुण है कि वह एक "काला" लड़का है।
गुणवाचक विशेषण के अन्य उदाहरण–
  1. स्वाद बोधक– खट्टा, नमकीन, करवा, मीठा, तीखा, खारा आदि।
  2. स्पर्श बोधक– कोमल, मुलायम, ठंडा, गर्म, कठोर आदि।
  3. रंग बोधक– लाल, हरा, काला, पीला, नीला, बैगनी, सफेदी आदि।
  4. गुण बोधक– दयावान, बलवान, सुशील, भोला, बेईमान, ईमानदार, तेज, सुंदर, विनम्र, दयालु आदि।
  5. दिशा बोधक– उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम, ऊपर, नीचे, दाएं, बाएं, इधर, उधर आदि।
  6. काल बोधक– मासिक, दैनिक, वार्षिक, आधुनिक, मध्यकालीन, प्राचीन, मौसमी, अतीत आदि।
  7. भाव बोधक– कायर, साहसी, डरपोक, कमजोर, ताकतवर आदि।
  8. स्थान बोधक– जयपुर, बिहार, गांधीनगर, अंदर, बाहर ऊपर, नीचे,  इधर, उधर आदि।
  9. दोष बोधक– बेईमान, डरपोक, क्रूर, कमजोर, कायर, कंजूस आदि।
  10. अवस्था बोधक– मोटा, पतला, गोल–मटोल, लंबा, बौना, सुखद, दुःखद, स्वस्थ,रोगी, निरोगी आदि।



(२.) संख्यावाची विशेषण –
ऐसा विशेषण जो किसी संज्ञा/सर्वनाम के संख्या का बोध कराये, उसे संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।
संख्यावाचक विशेषण के दो प्रकार हैं, जो निम्नवत् है–
(क) निश्चित संख्यावाची विशेषण
(ख) अनिश्चित संख्यावाची विशेषण

(क) निश्चित संख्यावाची विशेषण–
ऐसा संख्यावाचक विशेषण जिसमें संज्ञा/सर्वनाम की निश्चित संख्या का बोध हो, उसे निश्चित संख्यावाची विशेषण कहते हैं।
जैसे– दस सुंदर लड़के, दो खूबसूरत लड़की, दस बेईमान चोर, तीन डरपोक खरगोश, छः सुशील लड़की आदि।
निश्चित संख्यावाचक विशेषण के चार रूप हैं, जो इस प्रकार है–

(1.) समूहवाचक/समुदायवाचक विशेषण –
समूहवाचक/समुदायवाचक विशेषण के अंतर्गत समूहों/समुदायों का बोध कराने वाले विशेषण आते हैं।
जैसे– दोनों, तीनों, चारों, पांचों, छहों, सातों, सैकड़ों, हजारों, लाखों, सभी आदि।

(2.) आवृत्ति वाचक विशेषण–
इनके अंतर्गत गुणात्मक व हरात्मक गिनती वाले विशेषण आते हैं।
जैसे– दोगुना, तिगुना, चौगुना, इकहरा, दोहरा, तिहरा, सौगुना, हजारगुना, करोड़गुना आदि।

(3.) गणना वाचक विशेषण–
गणना वाचक विशेषण के अंतर्गत गिनती आते हैं।
जैसे– एक, दो, तीन, चार, पांच, छः, सात, आठ, नौ आदि।

(4.) क्रम वाचक विशेषण–
क्रम वाचक विशेषण के अंतर्गत क्रमांक आते हैं।
जैसे– पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा, छठा.....
इन चारों के अलावा एक और भी रूप है,जो इस प्रकार है–

(5.) प्रत्येक बोधवाचक विशेषण–
इसके अंतर्गत किसी वस्तु/व्यक्ति/शब्द के प्रत्येक का बोध होता है।
जैसे– दो–दो केला सबको बाँट देना।
एक–एक सौ रुपया सबसे ले लेना।
प्रत्येक सिपाही सीमा पर कार्यरत है।

(ख) अनिश्चित संख्यावाची विशेषण–
ऐसा संख्यावाची विशेषण जिसमें संज्ञा/सर्वनाम की अनिश्चित संख्या का बोध हो, उसे अनिश्चित संख्यावाची विशेषण कहते हैं।
जैसे–कई सुंदर लड़के, कुछ प्रसिद्ध पुस्तकें, बहुत चर्चित चलचित्र, अनेकों खुबसूरत नवयुवतियां, कई सारे रंग–बिरंगे फूल आदि।
  • उपर्युक्त उदाहरणार्थ में प्रयुक्त रेखांकित शब्द अनिश्चित संख्यावाची विशेषण के उदाहरण हैं।


(३.) परिमाणवाचक विशेषण–
ऐसे विशेषण जो किसी संज्ञा/सर्वनाम के माप–तौल अथवा उसकी मात्रा का बोध कराते हों, उसे परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
परिमाणवाचक विशेषण के दो प्रकार हैं, जो निम्नवत् है–
  1. निश्चित परिमाणवाचक विशेषण
  2. अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण

1. निश्चित परिमाणवाचक विशेषण –
जब किसी संज्ञा/सर्वनाम के इकाई की निश्चित मात्रा का बोध हो तो उसे निश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
उदाहरण– दो लीटर पानी, दो किलोग्राम सेब, चार किलोग्राम गेहूं, तीन किलोग्राम चावल आदि।


2. अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण –
जब किसी संज्ञा/सर्वनाम के इकाई की निश्चित मात्रा का बोध नहीं हो, उसे अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
उदाहरण– कुछ लीटर पानी, कुछ किलोग्राम सेब, कुछ किलोग्राम गेहूं, कुछ किलोग्राम चावल आदि।


(४.) संकेतवाचक/सार्वनामिक विशेषण –
ऐसे विशेषण जो सर्वनाम संकेत के माध्यम से संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता बतलाते हों, उसे संकेतवाचक/सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।
उदाहरण– वह घर आपका है।
  • उपर्युक्त उदाहरणार्थ वाक्य "वह घर आपका है" में शब्द "वह" सर्वनाम है। संकेतवाचक विशेषण के परिभाषानुसार प्रस्तुत वाक्य में प्रयुक्त सर्वनाम शब्द "वह" संकेतवाचक/सार्वनामिक विशेषण है।

(५.) व्यक्तिवाचक विशेषण–
किसी संज्ञा शब्द के साथ प्रत्यय जोड़ने पर बनने वाला नया शब्द किसी अन्य संज्ञा की विशेषता बतलाने लगता है, विशेषता बताने वाले ऐसे विशेषण को व्यक्तिवाचक विशेषण कहा जाता है।
जैसे– समाज – सामाजिक
  • उपर्युक्त उदाहरणार्थ में प्रयुक्त शब्द "समाज" संज्ञा शब्द है। इस "समाज" शब्द में "इक" प्रत्यय जोड़ने पर नया शब्द "समाजिक" बन जाता है, जो किसी वाक्य में विशेषण के तौर पर प्रयुक्त किया जाता है। अतः शब्द "सामाजिक" व्यक्तिवाचक विशेषण है।
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।
  • उपर्युक्त उदाहरणार्थ वाक्य "मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है" में शब्द "सामाजिक" मनुष्य की विशेषता को बतलाता है, अतः शब्द "सामाजिक" व्यक्ति वाचक विशेषण है।
  • व्यक्तिवाचक विशेषण के अंतर्गत भाववाचक शब्द एवं स्थानसूचक शब्द आते हैं।
  • व्यक्तिवाचक विशेषण के अन्य उदाहरण–
गुजरात गुजराती,
बिहार बिहारी,
धर्म धार्मिक,
ग्राम ग्रामीण,
लखनऊ लखनवी,
भारत भारतीय,
परिवार परिवारिक,
अमेरिका अमेरिकन आदि।

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