व्याकरण के भाग :
व्याकरण को तीन भागों में विभाजित कर पढ़ा जाता है, जो निम्नवत् है –
(i) वर्ण विचार
(ii) शब्द विचार
(iii) वाक्य विचार
(i) वर्ण विचार –
वर्णों का शुद्ध लेखन, वर्णों का शुद्ध उच्चारण एवं वर्णों के शुद्ध प्रयोग का ज्ञान प्राप्त करना, वर्ण विचार कहलाता है।
(ii) शब्द विचार –
शब्द की परिभाषा, इनका प्रयोग, शब्द का संधि, शब्द का विच्छेद, शब्द का निर्माण, शब्द का रूपांतरण आदि के बारे में विश्लेषण करना शब्द विचार कहलाता है।
उदाहरण– शब्द "नीरज" का विच्छेद करना शब्द विचार के अंतर्गत आएंगे।
(iii) वाक्य विचार –
वाक्य का परिभाषा, वाक्य के प्रकार, वाक्य का पहचान, वाक्य का निर्माण अथवा वाक्य का संरचना आदि के बारे में विश्लेषण करना, वाक्य विचार कहलाता है।
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