12/19/21

अध्ययन की सरलता के आधार पर व्यंजन वर्ण के प्रकार NCERT

 अध्ययन की सरलता के आधार पर व्यंजन वर्ण के प्रकार :

अध्ययन की सरलता के आधार पर व्यंजन वर्ण को तीन भागों में वर्गीकृत किया गया है, जो निम्नवत् है–
(i) स्पर्शी व्यंजन / वर्गीय व्यंजन
(ii) अंतःस्थ व्यंजन
(iii) ऊष्म व्यंजन


(i) स्पर्शी व्यंजन / वर्गीय व्यंजन–

क–वर्ग से लेकर प–वर्ग तक अर्थात् कुल 25 व्यंजन वर्णों में किसी का भी उच्चारण करते समय जीभ मुख के भीतर किसी–न–किसी मुखावयवों को स्पर्श करती है, इसलिए इसे स्पर्शी व्यंजन वर्ण कहते हैं।
स्पर्शी व्यंजन वर्ण के अंतर्गत आने वाले सारे व्यंजन वर्ण क–वर्ग से लेकर प–वर्ग तक के हैं, इसलिए इसे वर्गीय व्यंजन वर्ण भी कहे जाते हैं।
स्पर्शी/वर्गीय व्यंजन वर्ण के उदाहरण–
क वर्ग – क ख ग घ ङ
च वर्ग – च छ ज झ ञ
ट वर्ग – ट ठ ड ढ ण
त वर्ग – त थ द ध न
प वर्ग प फ ब भ म
  • स्पर्शी/वर्गीय व्यंजन के अंतर्गत कुल 25 वर्ण आते हैं, जो कि कवर्ग से लेकर पवर्ग तक के हैं।

(ii) अंतःस्थ व्यंजन वर्ण :–

ऐसा वर्ण जिसका उच्चारण करते समय जीभ,तालु,दाँत और ओठ परस्पर आपस में सटते हैं, उसे अंतःस्थ व्यंजन वर्ण कहा जाता है।
अंतःस्थ व्यंजन के उदाहरण– य, र, ल और व
  • अंतःस्थ व्यंजन वर्ण की संख्या 4 होती है।
  • य और व को अर्द्धस्वर भी कहा जाता है क्योंकि इन दोनों (य, व) का उच्चारण करते समय जीभ की कोई क्रियाशीलता नहीं होती।

(iii) ऊष्म व्यंजन वर्ण :–

ऐसा वर्ण जिसका उच्चारण करते समय जीभ मुख के भीतर किसी–न–किसी मुखावयवों के पास तो चली जाती है लेकिन उसे स्पर्श नहीं करती है और प्राणवायु को घर्षण के साथ मुख से बाहर निकलना पड़ता है,उसे ऊष्म व्यंजन वर्ण कहते हैं।
ऊष्म व्यंजन वर्ण के उदाहरण– श,ष, स और ह।
  • ऊष्म व्यंजन वर्ण की कुल संख्या 4 होती है
  • सकार और हकार ऊष्म व्यंजन वर्ण के अंतर्गत आते हैं।

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