12/19/21

व्युत्पत्ति के आधार पर शब्द के प्रकार| शब्द–विचार एवं उनके प्रकार NCERT

 व्युत्पत्ति के आधार पर शब्द के प्रकार :

शब्दों की व्युत्पत्ति के आधार पर शब्द तीन प्रकार के होते हैं, जो निम्नवत् है–
(i) रूढ़ शब्द
(ii) यौगिक शब्द
(iii) योगरूढ़ शब्द

(i) रूढ़ शब्द –
ऐसे शब्द जिनका कोई–न–कोई अर्थ प्रकट हो एवं जिसमें किसी अन्य शब्द का योग नहीं होते हों, रूढ़ शब्द कहे जाते हैं।
रूढ़ शब्द के उदाहरण– पशु, पैर, रोना नल, पल, तीर, दिन, मेज, घर आदि।
  • रूढ़ शब्द के साथ संधि, समास, उपसर्ग, प्रत्यय कुछ भी नहीं होते हैं।

(ii) यौगिक शब्द –
ऐसे शब्द जो दो रुढ़ शब्दों के योग से बने हों एवं निर्मित शब्द का विच्छेद करने पर विच्छेदित शब्द अर्थपूर्ण हो, उसे यौगिक शब्द कहते हैं।
यौगिक शब्द के उदाहरण– सज्जन, दुर्जन, विद्यालय, नेत्रहीन, गैरकानूनी, पाठशाला, पराजय, मानवता, परमानंद, महाराजा आदि।
शब्द विद्यालय का विच्छेद– विद्या+आलय है। यहां विद्या और आलय दोनों अर्थपूर्ण शब्द है। साथ ही विद्या और आलय इन दो शब्दों की संधि से विद्यालय शब्द बना है। अतः विद्यालय यौगिक शब्द है।


(iii) योगरूढ़ शब्द –
ऐसे शब्द जो योगिक शब्द के तरह ही बनते हैं,लेकिन उसका अपना मुख्य अर्थ के साथ-साथ अन्य अर्थ भी प्रकट होता है, योगरूढ़ शब्द कहे जाते हैं।
योगरूढ़ शब्द के उदाहरण– दशानन = दश+आनन
यहां दशानन का अर्थ है– दस सिर वाले। दशानन का एक अन्य अर्थ रावण भी होता है। अतः दशानन योगरूढ़ शब्द है।
  • योगरूढ़ शब्द में एक अन्य अर्थ भी प्रकट होता है, जिसे प्रधान अर्थ कहते हैं।
  • योगरूढ़ शब्द के अन्य उदाहरण– महावत, जलज, त्रिनेत्र, गजानन, हिमालय, लंबोदर, नीलकंठ, चक्रधर, जनधन, घुड़सवार, आयताकार, पंकज, गिरिधर, घनश्याम आदि।
  • बहुव्रीहि समास के सभी उदाहरण योगरूढ़ शब्द के अंतर्गत आते हैं।

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