कंपन/घोष के आधार पर व्यंजन वर्ण के प्रकार :–
कंपन/घोष के आधार पर व्यंजन वर्ण को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है, जो निम्नवत है–
(i) अघोष व्यंजन वर्ण
(ii) सघोष व्यंजन वर्ण
(i) अघोष व्यंजन वर्ण–
ऐसा वर्ण जिसको उच्चारित करने पर कंपन नहीं होती अथवा बहुत कम होती है, उसे अघोष व्यंजन वर्ण कहते हैं।
अघोष व्यंजन वर्ण के उदाहरण– क ख, च छ, ट ठ, त थ, प फ, श ष स ।
- अघोष व्यंजन वर्ण की कुल संख्या 13 होती है।
- प्रत्येक वर्ग अर्थात क–वर्ग से लेकर प–वर्ग तक के वर्ग का पहला और दूसरा वर्ण घोष व्यंजन वर्ण के अंतर्गत आते हैं।
- सकार अर्थात् श ष स अघोष व्यंजन वर्ण के अंतर्गत आते हैं।
(ii) सघोष व्यंजन वर्ण–
ऐसा वर्ण जिसका उच्चारण करने पर वह कंपन सहित उच्चारित होता है, उसे सघोष व्यंजन वर्ण कहते हैं।
सघोष व्यंजन वर्ण के उदाहरण– ग घ ङ, ज झ ञ, ड ढ ण, द ध न, ब भ म, य र ल व और ह।
- सघोष व्यंजन वर्ण की कुल संख्या 20 होती है
- प्रत्येक वर्ग अर्थात क–वर्ग से लेकर प–वर्ग तक के वर्ग का तीसरा,चौथा व पांचवा वर्ण सघोष व्यंजन वर्ण के अंतर्गत आते हैं।
- अंतःस्थ वर्ण (य र ल व) और हकार (ह) सघोष व्यंजन वर्ण के अंतर्गत आते हैं।
- नोट :– सभी स्वर वर्ण सघोष होते हैं और विसर्ग(:) भी सघोष होते हैं क्योंकि विसर्ग का उच्चारण ह के समान होता है।
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