स्वर वर्ण :–
स्वर वर्ण किसे कहते हैं?| स्वर वर्ण की परिभाषा–
जिस वर्ण का उच्चारण करते समय प्राणवायु मुख से बिना किसी अवरोध के बाहर निकल जाती है,ऐसे वर्ण को स्वर वर्ण कहे जाते हैं।
दूसरे शब्दों में–
ऐसे वर्ण जिसका उच्चारण करते समय किसी अन्य वर्ण की सहायता नहीं ली जाती, स्वर वर्ण कहे जाते हैं।
- हिंदी में स्वर वर्ण की कुल संख्या 11 होती है।
- संस्कृत में स्वर वर्ण की कुल संख्या 13 होती है।
- स्वर वर्ण को स्वतंत्र ध्वनि भी कहा जाता है, क्योंकि इसके उच्चारण में किसी अन्य वर्ण की सहायता नहीं ली जाती।
उपर्युक्त तालिका में "अं"और "अ:" को नहीं दर्शाया गया है, क्योंकि ये दोनों स्वर वर्ण नहीं हैं बल्कि अयोगवाह वर्ण हैं।
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